Saturday, December 19, 2009

प्यार भी बोलता है पैसे की दाम से....

कितने मजनु कितने रांझे गये कामसे गये कामसे
कितनी लैला कितनी हिर इनके नामसे इनके नामसे
बस हो गया बहोत सिर्फ पैसा बोलता है
प्यार भी बोलता है पैसे की दाम से....

लडकिया आजकी हो गयी है शानी..
प्यार इनका बोलता पैसेकी जुबानी
आंखो मे पहले दिलवालोके रहते थे आसु...
अब आसु भी बनते है ग्लिसरिन का पानी...
फिर काहेको तमाशा है प्यार का साला
ये प्यार भी रोता है पैसे की जखम से...

फुटबाल है दिल हमारा कम्बख्त लडकों का
लडकिया भी लाथ मारे नशीब कडकों का
पैसा नही तो काहे मेरे पिछे पड गया
पेनाल्टी शुट आऊत पे गोल कर दिया
इसलिये ना जाना यारो इस रस्ते से
जगहा जगहा टोल नाके यहा पे पैसो से

-- सतिश चौधरी

Friday, December 18, 2009

ओ डार्लींग आय लव यु...

निगाहे मेरी निगाहे तेरी कहती है क्या सुन तो जरा
ओ डार्लींग आय लव यु...ओ डार्लींग आय लव यु...

भाषा निगाहो की निगाहे समझती है
आशा दिलोकी निगाहे बरसती है
कहती है हरदम...
ओ डार्लींग आय लव यु...ओ डार्लींग आय लव यु...

तुमसा नही कोई निगाहे कहती है
एकपल ना सोई निगाहे कहती है
कहती है हरदम...
ओ डार्लींग आय लव यु...ओ डार्लींग आय लव यु...

सपनोमे आए तु निगाहे चाहती है
अपना बनाओ हमको देखो कहती है
कहती है हरदम...
ओ डार्लींग आय लव यु...ओ डार्लींग आय लव यु...

आंखो के रस्ते इस दिल मे तुम आना
जिंदगीभर तुम मेरा साथ निभाना
कहती है हरदम...
ओ डार्लींग आय लव यु...ओ डार्लींग आय लव यु...

-- सतिश चौधरी

Wednesday, November 25, 2009

ये कैसा आशिकाना...

आशियाना तु मेरा ... आशिक हु मै तेरा
मुझे इतना बता दे ये कैसा आशिकाना...

जबसे तुझे देखा है मैने
दिलक खो गया है कही पे
माने ना माने मेरी जानेजा...
तु ही है मेरी तमन्ना....


दिवानगी का कैसा असर है
बेकाबु दिल मेरा हो गया है
दिल भी तु जान भी तु है
जिंदडी भी तेरी जाना...

हमसफर मेरा तु है सनम
चलता रहुंगा तेरे संग संग
रंग मै दुंगा मेरी चाहत के
तुझको मेरी जाना.....


-- सतिश चौधरी

ये कैसा आशिकाना...

आशियाना तु मेरा ... आशिक हु मै तेरा
मुझे इतना बता दे ये कैसा आशिकाना...

जबसे तुझे देखा है मैने
दिलक खो गया है कही पे
माने ना माने मेरी जानेजा...
तु ही है मेरी तमन्ना....


दिवानगी का कैसा असर है
बेकाबु दिल मेरा हो गया है
दिल भी तु जान भी तु है
जिंदडी भी तेरी जाना...

हमसफर मेरा तु है सनम
चलता रहुंगा तेरे संग संग
रंग मै दुंगा मेरी चाहत के
तुझको मेरी जाना.....


-- सतिश चौधरी

साली छत्तीस नखरेवाली

साली छत्तीस नखरेवाली घायल करुन गेली
अंग अंग है पटाका जैसा साली आग लाऊन गेली

ये पोट्टी है आयटम बॉम्ब
इसके जलवे बिजली जैसे
करे हमे नाकाम...
आंख मारे... शिटी बजाए
सारी दुनिया पागल झाली..

शराब इसके होठो पे है
कबाब है इसका बदन
घुस्सा भी है इसका
चकने जैसा खट्टा तिखा
सौ बोतल नशा है इसकी गाली...

गीतकार - सतिश चौधरी

हा मैने किया है

वो मेरी जानेजा करुंगा मै इंतजार
हा मैने किया है सिर्फ तुमसे ये प्यार....

तुझको मांगा है मैने दिलकी हर आरजु मे
तुझको पुजा है मैने अपना खुदा समझके
राहते दिल्लगी मे तुझपे है ऐतबार...
हा मैने किया है सिर्फ तुमसे ये प्यार....

अजनबी था मै खुदसे बिन तेरे ओ जाना
जान लिया है खुदको जबसे तुझको है जाना
जान भी मांग ले तो दे दु मै हसके यार...
हा मैने किया है सिर्फ तुमसे ये प्यार....

बेगानी इस जिंदगी मे बस तु हि है हमारा
भुल ना जाना मुझको तुझको सबकुछ है माना
कहती मेरी धडकने सुनले तु इनकी पुकार...
हा मैने किया है सिर्फ तुमसे ये प्यार....


गीतकार- सतिश चौधरी

हे ... पना रे पना...

हे ... पना रे पना...
न जीना तेरे बिना...

तेरी फुलोसी हसी
दिलमे यु बसने लगी है
मेरे दिलकी कलिया
खिलके यु हसने लगी है
तेरी हसी मेरी खुशी
ये ही मेरी पहली
आखरी तमन्ना...

मासुम आखे तुम्हारी
मुझसे क्या पुछने लगी है
ये भी ना जाने इनमे
चाहत बरसने लगी है
मेरी चाहत तेरी अमानत
इसको संभालना
तुम जानेजाना...


कवि- सतिश चौधरी

ऐ दिवाने दिल ...

धडकेगा फिर तडपेगा तडप तडपके गिरजाएगा
गिरकेभी फिर संभलेगा............
इतना बता इस प्यार मे तुझको क्या होगा हासिल...
ऐ दिवाने दिल ... क्या है तेरी मंजील ....

धडक धडक के तडप तडपके दिलको यु सताना
प्यार मे पागल क्यु होता ,है ये दिल दिवाना..
हथेली पे लेके इस दिलको चलना भी पडेगा
चाहत की इस आग मे दिलको जलना भी पडेगा
एकदिन तु हि बन जाएगा खुदका यु कातिल..
ऐ दिवाने दिल ... क्या है तेरी मंजील ....

मस्त मस्त इन आंखोंके जालमे तु ना आना
बहक भी जाए कदम तो फिरभी तु ना डगमगाना..
हवा ये लाय़े प्यार कि खुशबू आंधी भी लाएगी
साहिल को छुने सागर की लहरे भी आएगी
दुसरे ही पलमे हो जाएगा तनहा ये साहिल...
ऐ दिवाने दिल ... क्या है तेरी मंजील ....

गीतकार - सतिश चौधरी

देदे मुझे थोडा प्यार..

देदे मुझे थोडा प्यार.. थोडा प्यार.. थोडा प्यार
मैने किया इंतजार.. इंतजार.. इंतजार..
मेरे सनम तेरी कसम
मै हु बडा बेकरार...बेकरार...बेकरार...

दिवानगी का ये कैसा नशा है
हर पल हर लम्हा एक जुनुसा है
दिल दिया तुझको मेरे यार.. मेरे यार.. मेरे यार..

रबने भेजा तुझे मेरे लिये है
रबको मांगा तुझे मैने दुवा मे
ना करना अब इनकार..इनकार ..इनकार..


हकिकत बनना तु मेरी कहानी की
अमानत बनना तु इस जिंदगानी की
कह दे तु हा एकबार…एकबार…एकबार…

गीतकार- सतिश चौधरी

Wednesday, September 23, 2009

देदे मुझे थोडा प्यार

देदे मुझे थोडा प्यार.. थोडा प्यार... थोडा प्यार...
मै हु तेरा दिलदार ...दिलदार... दिलदार...
मेरे सनम तेरी कसम --२
मैने किया इंतजार... इंतजार... इंतजार...

दिल के मंदीर मे रखा है तुमको
खुदा समझके पुजा है तुमको
अब तो खुदा भी जलने लगा है
मेरी वफा को कहने लगा है
तु है दिवाना बेकरार... बेकरार... बेकरार...

Saturday, September 19, 2009

न जाने इस बात को क्यो हम मानते नही...

दुनिया को भुलने लगे है हम उनकी चाहत मे
अब तो खुद को भी पहचानते नही....
दिल मे समंदर है प्यार का उनके लिये
न जाने इस बात को क्यो हम मानते नही...

दिलतो है हमारा मगर धडकता है उनके लिये
दिलमे दर्द है कितने फिरभी दुवा मांगता है उनके लिये
दिलके इस गुस्ताखी को कौनसी सजा दे हम जानते नही....
दिलमे समंदर है प्यार का उनके लिये...
न जाने इस बात को क्यो हम मानते नही...

सोचते है नजरे चुराये ऊनसे हम बेगानोकी तरहा...
पर उनकी नजर फिर भी, लौट आये अपनो कि तरहा
अब तो अपनी ही नजरो मे हो गये है बेगाने हम
उनकी नजरो से नजर चुराना भी हम जानते नही
दिलमे समंदर है प्यार का उनके लिये...
न जाने इस बात को क्यो हम मानते नही...

बेचैन आखे हमारी सोयी नही है कितने दिनोसे
नशा कोइ इनमे आ रहा है बस उनके ही सपनोंसे
ये सपने कही टुट न जाये अब दिल भी चुपकेसे रोने लगा है
छुपाये हम दिलके अरमा पर आंसुओ को छुपाना जानते नही....
दिलमे समंदर है प्यार का उनके लिये...
न जाने इस बात को क्यो हम मानते नही...

-- सतिश चौधरी