Wednesday, November 25, 2009

ये कैसा आशिकाना...

आशियाना तु मेरा ... आशिक हु मै तेरा
मुझे इतना बता दे ये कैसा आशिकाना...

जबसे तुझे देखा है मैने
दिलक खो गया है कही पे
माने ना माने मेरी जानेजा...
तु ही है मेरी तमन्ना....


दिवानगी का कैसा असर है
बेकाबु दिल मेरा हो गया है
दिल भी तु जान भी तु है
जिंदडी भी तेरी जाना...

हमसफर मेरा तु है सनम
चलता रहुंगा तेरे संग संग
रंग मै दुंगा मेरी चाहत के
तुझको मेरी जाना.....


-- सतिश चौधरी

ये कैसा आशिकाना...

आशियाना तु मेरा ... आशिक हु मै तेरा
मुझे इतना बता दे ये कैसा आशिकाना...

जबसे तुझे देखा है मैने
दिलक खो गया है कही पे
माने ना माने मेरी जानेजा...
तु ही है मेरी तमन्ना....


दिवानगी का कैसा असर है
बेकाबु दिल मेरा हो गया है
दिल भी तु जान भी तु है
जिंदडी भी तेरी जाना...

हमसफर मेरा तु है सनम
चलता रहुंगा तेरे संग संग
रंग मै दुंगा मेरी चाहत के
तुझको मेरी जाना.....


-- सतिश चौधरी

साली छत्तीस नखरेवाली

साली छत्तीस नखरेवाली घायल करुन गेली
अंग अंग है पटाका जैसा साली आग लाऊन गेली

ये पोट्टी है आयटम बॉम्ब
इसके जलवे बिजली जैसे
करे हमे नाकाम...
आंख मारे... शिटी बजाए
सारी दुनिया पागल झाली..

शराब इसके होठो पे है
कबाब है इसका बदन
घुस्सा भी है इसका
चकने जैसा खट्टा तिखा
सौ बोतल नशा है इसकी गाली...

गीतकार - सतिश चौधरी

हा मैने किया है

वो मेरी जानेजा करुंगा मै इंतजार
हा मैने किया है सिर्फ तुमसे ये प्यार....

तुझको मांगा है मैने दिलकी हर आरजु मे
तुझको पुजा है मैने अपना खुदा समझके
राहते दिल्लगी मे तुझपे है ऐतबार...
हा मैने किया है सिर्फ तुमसे ये प्यार....

अजनबी था मै खुदसे बिन तेरे ओ जाना
जान लिया है खुदको जबसे तुझको है जाना
जान भी मांग ले तो दे दु मै हसके यार...
हा मैने किया है सिर्फ तुमसे ये प्यार....

बेगानी इस जिंदगी मे बस तु हि है हमारा
भुल ना जाना मुझको तुझको सबकुछ है माना
कहती मेरी धडकने सुनले तु इनकी पुकार...
हा मैने किया है सिर्फ तुमसे ये प्यार....


गीतकार- सतिश चौधरी

हे ... पना रे पना...

हे ... पना रे पना...
न जीना तेरे बिना...

तेरी फुलोसी हसी
दिलमे यु बसने लगी है
मेरे दिलकी कलिया
खिलके यु हसने लगी है
तेरी हसी मेरी खुशी
ये ही मेरी पहली
आखरी तमन्ना...

मासुम आखे तुम्हारी
मुझसे क्या पुछने लगी है
ये भी ना जाने इनमे
चाहत बरसने लगी है
मेरी चाहत तेरी अमानत
इसको संभालना
तुम जानेजाना...


कवि- सतिश चौधरी

ऐ दिवाने दिल ...

धडकेगा फिर तडपेगा तडप तडपके गिरजाएगा
गिरकेभी फिर संभलेगा............
इतना बता इस प्यार मे तुझको क्या होगा हासिल...
ऐ दिवाने दिल ... क्या है तेरी मंजील ....

धडक धडक के तडप तडपके दिलको यु सताना
प्यार मे पागल क्यु होता ,है ये दिल दिवाना..
हथेली पे लेके इस दिलको चलना भी पडेगा
चाहत की इस आग मे दिलको जलना भी पडेगा
एकदिन तु हि बन जाएगा खुदका यु कातिल..
ऐ दिवाने दिल ... क्या है तेरी मंजील ....

मस्त मस्त इन आंखोंके जालमे तु ना आना
बहक भी जाए कदम तो फिरभी तु ना डगमगाना..
हवा ये लाय़े प्यार कि खुशबू आंधी भी लाएगी
साहिल को छुने सागर की लहरे भी आएगी
दुसरे ही पलमे हो जाएगा तनहा ये साहिल...
ऐ दिवाने दिल ... क्या है तेरी मंजील ....

गीतकार - सतिश चौधरी

देदे मुझे थोडा प्यार..

देदे मुझे थोडा प्यार.. थोडा प्यार.. थोडा प्यार
मैने किया इंतजार.. इंतजार.. इंतजार..
मेरे सनम तेरी कसम
मै हु बडा बेकरार...बेकरार...बेकरार...

दिवानगी का ये कैसा नशा है
हर पल हर लम्हा एक जुनुसा है
दिल दिया तुझको मेरे यार.. मेरे यार.. मेरे यार..

रबने भेजा तुझे मेरे लिये है
रबको मांगा तुझे मैने दुवा मे
ना करना अब इनकार..इनकार ..इनकार..


हकिकत बनना तु मेरी कहानी की
अमानत बनना तु इस जिंदगानी की
कह दे तु हा एकबार…एकबार…एकबार…

गीतकार- सतिश चौधरी