Wednesday, November 25, 2009

ऐ दिवाने दिल ...

धडकेगा फिर तडपेगा तडप तडपके गिरजाएगा
गिरकेभी फिर संभलेगा............
इतना बता इस प्यार मे तुझको क्या होगा हासिल...
ऐ दिवाने दिल ... क्या है तेरी मंजील ....

धडक धडक के तडप तडपके दिलको यु सताना
प्यार मे पागल क्यु होता ,है ये दिल दिवाना..
हथेली पे लेके इस दिलको चलना भी पडेगा
चाहत की इस आग मे दिलको जलना भी पडेगा
एकदिन तु हि बन जाएगा खुदका यु कातिल..
ऐ दिवाने दिल ... क्या है तेरी मंजील ....

मस्त मस्त इन आंखोंके जालमे तु ना आना
बहक भी जाए कदम तो फिरभी तु ना डगमगाना..
हवा ये लाय़े प्यार कि खुशबू आंधी भी लाएगी
साहिल को छुने सागर की लहरे भी आएगी
दुसरे ही पलमे हो जाएगा तनहा ये साहिल...
ऐ दिवाने दिल ... क्या है तेरी मंजील ....

गीतकार - सतिश चौधरी

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