कितने मजनु कितने रांझे गये कामसे गये कामसे
कितनी लैला कितनी हिर इनके नामसे इनके नामसे
बस हो गया बहोत सिर्फ पैसा बोलता है
प्यार भी बोलता है पैसे की दाम से....
लडकिया आजकी हो गयी है शानी..
प्यार इनका बोलता पैसेकी जुबानी
आंखो मे पहले दिलवालोके रहते थे आसु...
अब आसु भी बनते है ग्लिसरिन का पानी...
फिर काहेको तमाशा है प्यार का साला
ये प्यार भी रोता है पैसे की जखम से...
फुटबाल है दिल हमारा कम्बख्त लडकों का
लडकिया भी लाथ मारे नशीब कडकों का
पैसा नही तो काहे मेरे पिछे पड गया
पेनाल्टी शुट आऊत पे गोल कर दिया
इसलिये ना जाना यारो इस रस्ते से
जगहा जगहा टोल नाके यहा पे पैसो से
-- सतिश चौधरी
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