Thursday, February 25, 2010

मेरी तनहाईया...

तेरी रुसवाईया ... तेरी बेवफाईया
तिनका तिनका जलाती है दिलको
मेरी तनहाईया...मेरी तनहाईया...

मालुम नही इतना क्यु
प्यार तुमसे करता हु मै
जलता हु तेरी दिल्लगी मे
आशिकीमे पलपल मरता हु मै
एकबार तो समझले चाहत को मेरे
समंदर से भी गहरी है मेरे
दिलकी गहराईया....

तुफां कितने भी आये
पर मै ना ऐसे हटुंगा
इंतजार हो जितना चाहे
हरपल तेरी राह देखुंगा
अगर जिंदगी ये कम पड जाए
तो लुटा दुंगा तुझपे अगली
सारी जिंदगानिया...

-- सतिश चौधरी

दिल आज गा रहा है....

दिल आज गा रहा है धडकनोंसे कोई गीत प्यार का
मुझे इश्क हो रहा है मजा आ रहा है इंतजार का......

न जाने दिलपे कौनसा नशा छा गया
प्यार के आंसमापे तेरा चांद आ गया
कैसे मै बताऊ तुझे कितना मै चाहु तुझे
अंदाज भी ना जानु मै इकरार का.....

नींदे मेरी लुट ली है चैन खो गया
दिल के पन्नोपे तेरा नाम लिख लिया
पलकोपे बिठाऊ तुझे सासोंसे सुनाऊ तुझे
दिल मे जो उठा तुफान तेरे प्यार का.....

-- सतिश चौधरी

Tuesday, February 9, 2010

जब जब तेरी याद आती है..........

जब जब तेरी याद आती है
जब जब तेरी बात होती है
आज भी लगता है तेरे इंतजार मे
धडकने राग कोई गुनगुनाती है....

तनहा तनहा इस जिंदगी मे सदा
मुस्कुराहटे तेरी मैफिले सजाती है
हसती है जिंदगी भरी भरी आंखोसे
दुसरे पल मे हि तु रुला जाती है...

दिल है मेरा समंदर से भी प्यासा
सबकुछ होके भी एक प्यास रह जाती है
ऐसे मे तेरी यादोंकी लहरे गाते गाते
साहिल को छुके फिर तनहा कर देती है....

तेरे साथ जिदगी कि हर खुशी पायी थी
अब वोही खुशिया दर्द बन जाती है
दर्द को संभालु की दिल को मेरे यार
धडकने भी कभी कभी बेइमान हो जाती है.....
-- सतिश चौधरी